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Updated Sat, 08 May 2021 11:35 PM

नियमित योग से बढ़ेगी इम्यूनिटी, आक्सीजन में भी होगा इजाफा

जेएनएन, बिजनौर। योगासन और आयुर्वेद को अपनाया जाए तो कोरोना के खिलाफ कारगर साबित हो सकता है। योगाचार्य डा. खूब सिंह इस कोरोनाकाल में योग को अपनाने पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि योगासन से स्वस्थ रह सकते हैं। नगर के योगाचार्य डा. खूब सिंह का कहना है कि मौजूदा हालात बेकाबू हो रहे हैं। मनुष्य को अब आंतरिक रूप से मजबूत होने की आवश्यकता है। देखा जा रहा है कि आक्सीजन की कमी को योग क्रियाओं के माध्यम से बढ़ाना कारगर सिद्ध हो रहा है। हालांकि, योग क्रियाएं आचार्य के निर्देशन में हों तो अच्छा साबित होगा। कोरोना के मरीजों को सबसे पहले साहस बनाकर रखना चाहिए। उसके बाद सांस लेने में तकलीफ हो तो वह सबसे पहले बैड पर पेट के बल लेट जाएं एक तकिया मुंह के नीचे तो दूसरा पेट के नीचे लगाएं। वहीं, दो तकिए पैरों के नीचे लगाएं। गर्दन एक तरफ करते हुए लंबे और गहरे सांस लेते हुए छोड़ें। दो से पांच मिनट तक यह क्रिया करते रहें। इससे आक्सीजन स्तर बढ़ेगा। यह क्रिया खुले और स्वच्छ वातावरण में हो तो बहुत अच्छा रहेगा। वहीं, अनुलोम विलोम, सूर्य नमस्कार और सशकासन भी बहुत अच्छा रहेगा। स्वस्थ्य व्यक्ति को भी लगातार योग में दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। ताकि, वह आंतरिक और शारीरिक रूप से भी मजबूत बना रहेगा। बताया कि आयुर्वेदिक काढ़ा भी बहुत कारगर साबित हो रहा है। गर्म पेय का अधिक सेवन इस बीमारी में फायदेमंद साबित होगा। सजगता के साथ-साथ शारीरिक मजबूती के जरिए कोरोना से बचा जा सकता है।

बेंच नहीं, पूरा हाईकोर्ट लेने का दिया था नारा

जेएनएन, बिजनौर। साल 1995 में दौर था हरित प्रदेश निर्माण आंदोलन का, रालोद के मुखिया होने के नाते चौधरी अजित सिंह जन समर्थन जुटाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जनसभाएं, सामाजिक संगठनों एवं अन्य संगठनों के पदाधिकारियों से संपर्क की रहे थे। इसी दौरान चौधरी अजित सिंह ने जजी परिसर स्थित बार हाल में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। अधिवक्ताओं ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हाईकोर्ट बेंच की मांग उठाई तो चौधरी अजित सिंह ने कहा था कि हाईकोर्ट की बेंच नहीं, पूरा प्रदेश लेंगे। प्रदेश बनेगा तो पूरा हाईकोर्ट मिल जायेगा।

वायदे के बहुत पक्के थे चौधरी साहब : मुंशीराम

जेएनएन, बिजनौर। राष्ट्रीय लोकदल के मुखिया चौधरी अजित सिंह के निधन पर कार्यकर्ता शोक में है। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव एवं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी, पूर्व सांसद मुंशीराम का कहना है कि चौधरी अजित सिंह के निधन से उन्होंने अपना एक सच्चा अभिभावक खो दिया। कहा कि चौधरी साहब अपनी बात एवं वायदे के बहुत पक्के थे। गरीबों, मजदूरों व किसानों की लड़ाई को जीवन पर्यन्त लड़ते रहे। रालोद के राष्ट्रीय महासचिव मुंशीराम ने कहा कि चौधरी साहब से जो उन्हें सम्मान दिया है। वह उसे शब्दों में बयान नहीं कर सकते है। 2004 के लोकसभा चुनाव में सपा व रालोद का गठबंधन हुआ और बिजनौर लोकसभा सीट लोकदल के खाते में आ गई है। चौधरी साहब ने भरोसा जताते हुए उन्हें बुलाकर टिकट दिया था। वह बिजनौर लोकसभा से सांसद बनने में कामयाब हो गए थे। वर्ष 2009 के चुनाव में उन्हें एक बार फिर पार्टी ने चुनाव लड़ाया था। वह चुनाव हार गए थे। कहा कि 2007 में एक बार कांग्रेस गठबंधन सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आया था। तमाम प्रलोभन को दरकिनार करते हुए वह चौधरी अजित सिंह के साथ डटे रहे। तब से उनका विश्वास और अटूट हो गया था। चौधरी साहब के निधन से पार्टी को जो क्षति पहुंची ही है उन्हें भी जीवन भर उनकी कमी महसूस होती रहेगी। पूर्व मंत्री जयपाल सिंह के निधन पर शोक